सदस्यता, दान और सहयोग

विश्व धर्म संघम द्वारा धार्मिक अभिरुचि रखने वाला कोई भी व्यक्ति सदस्यता ले सकता है। जिसके लिए कुछ नियम और शर्ते पूरी करनी होगी। सदस्यता प्रतिभार प्रवेश वर्ष में 200 रुपए है। जिसमें सहयोग राशि अतिरिक होगी। दूसरे वर्ष से नियमितीकरण हेतु 500 रुपए नियमानुसार देय होगा। विदेशी सदस्यों के लिए सदस्यता प्रतिभार मुद्रा विनिमय के अनुसार होगा । सदस्यता के लिए निर्धारित फार्म भरना होगा। दान और सहयोग रूप में कोई भी व्यक्ति जो संघठन के कार्यों और उद्देश्य की पूर्ति में स्वेक्षा से भागीदारी लेना चाहते हैं वे बिना किसी प्रतिलाभ पूर्ति के सहयोग कर सकते हैं। विश्व धर्म संघम किसी सहयोग या दान आदि के बदले में कोई प्रतिलाभ देने के लिए वादा नहीं करता और न ही संघठन का कोई ऐसा कार्य अनुमन्य होगा । यदि किसी व्यक्ति द्वारा किसी प्रतिलाभ की बात की जाय तो वह अमान्य होगी तथा विधि विरुद्ध है। जिसके लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे। विभिन्न कार्य और उद्देश्यों की पूर्ति के लिए दनादि और सहयोग तथा सदस्यता से प्राप्त समन्वय और रख रखाव के लिए बैंक अकाउंट द्वारा किए जाने का प्रबंधन संघठन द्वारा किया गया है जिससे आय व्यय की समुचित व्यवस्था हो सके इसके लिए Indian Overseas Bank के साथ अकाउंट पंजीकृत खोला गया है।

खाते का नाम: विश्व धर्म संघम
खाता नंबर: 146802000000562
IFSC code: IOBA0001468
शाखा : नारी शिक्षा निकेतन, केसरबाग, लखनऊ

विश्व धर्म संघम की स्थापना 15 अक्टूबर 2019 को  अहेतु की प्रेरणा से श्री चंद्र कान्त भारद्वाज ( पूर्व नाम ), संत स्वामी सौम्या नन्द जी महाराज के द्वारा एवम् उनके शिष्यो की प्रार्थना पर संत श्री मेधा नंद जी महाराज और अन्य के साथ लखनऊ में न्यास के रूप में पंजीकृत कराकर किया गया है। जिसमें विभिन्न बिंदुओं पर विचारों में प्राप्त तथ्यों को समावेश पंजीयन में किया गया है। जो यहां प्रस्तुत हैं। विश्व धर्म संघम न्यास का पंजीयन संख्या 223/2019/lko है ।

This website may collect data about you, use cookies, embed additional third-party tracking, and monitor your interaction with that embedded content

Follow Us On Socials

© Copyright 2025 : Vishva Dharm Sangham. All Rights Reserved. | Website Developed by: Digital Stands.

Scroll

Our site uses cookies. By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.